به پيشگاه فردوسي
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شبـــي داستـــان گستـــر و ديـــرپـــــاي |
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بــه زيبـنـــده آييـــن فــراگيــــرجـــاي |
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فـــروگستــرانيــــــده بــــرکــوه و دشت |
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يکي پهـــن دامــن بـــه جــاي نشـسـت |
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از آن زايــــش فـــــرخ ديــــــربـــــــاز |
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بــه ديگــرشبـــان ســـرفــرازان بنــاز |
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ز زايــيـــــدن مهـــــرگيـــتـــــي فــروز |
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شــده نـــاز پيــونــــد و فرخنـــده روز |
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فـزون تـــر ز شبهــــاي ديــگـــربلنــــد |
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بـــه پـــايـــــان آذرمــــه ســـردخنــــد |
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مـن انــــدريـــکـــي روستــــاي کهـــــن |
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بــه شش ســـالـــگـــي شــاهـد انجمـن |
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پـــدربـــــود و مــــادر فــــراخــاستـــــه |
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يکـــــي خــانگـــــي بـــزم آراستــــــه |
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بـــه آيـيــــن يلــدا ز بهــــــر شگـــــون |
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بــه خـوان چيده از ميوه ها گونه گـون |
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مــن و ديـگـــــران ازکـســـــان حـــــرم |
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زخـوان بهـره ورهـريکــي بيش وکــم |
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هـم ازشــام کــردن شــده بهــــره يـــاب |
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بـرفتيـــم دربستــــر ازبهـــــرخـــواب |
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چودرخواب خوش پـاسي ازشب گذشت |
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مـرا حــال يکســر دگـرگــونـه گذشـت |
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بــــه نـــاگـــــه ز آواي مـــردانـــــه اي |
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زگلبـــــانگ دانــــــاي فــرزانـــــه اي |
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دوچشمــم زخـــواب گـــران بــــازشـــد |
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دلــــم محــــوآن طـُــرفـــــه آوازشــــد |
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اگـــرچنـــد چشمــان مـن بستـــــه بـــود |
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دو گوشم بــرآن نغمـــه پيوستــه بـــود |
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چــــو آن نغمــه هــا دردلــم جـا گـرفـت |
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وجــــودم نـــوازش ســـراپـــا گــرفت |
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چنـــانـــم زلـذت دگــــر گشـــت حــــال |
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کـــه گفتــــي بـــرآورده ام پــر وبـــال |
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کــه بـــود آن بــرآورده آواي خــــوش؟ |
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بــــرآورده آواي زيــبــــــاي خــــوش |
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پـــدربـــود کـــز پهلــــوانـــــي ســـرود |
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بــه شهنــامــه خوانــدن دل مـن ربــود |
| همـــانـــا کــه گـــــاه جـوانيــــش بـــــود | گــرايــش بــه شهنـــامـــه خـوانيش بود | |
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بــه فــردوسيـش بـــود بسيــــار مهـــــر |
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ز صهبــــاي شعـــرش فروزنـده چهـر |
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بـــه گـُردانــــه آهنـــگ وبــانـگ بلنـــد |
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همــي خـــوانــد آن ســـرورارجمنــــد |
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«دليري کـــه بــــد نــــام او اشکبـــوس |
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همي برخـروشيـــد بـرســـان کــوس» |
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«بيــامــد کـــه جويـــد زايـــران نبـــرد |
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ســرهمنبـــــرد انــدر آرد بــه گـــرد» |
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از آن شب کــه بشنيـــدم ايــن داستــــان |
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شـــدم جـذب آن نـــامـــه ي بــاستـــان |
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بـــه جــــان دوستـــــار سـراينـــــده اش |
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بـــه دل حـق گـــزار وستـــاينـــده اش |
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چکـــد يـــاد فردوســــي از خـــامــــه ام |
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دل آکنـــــــده ازمهــــــر شهنـــامـــه ام |
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الا اي گــرانمـــايـــــه دانــــاي تـــــوس |
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کـــه خورشيــد پــاي تــو را داد بـوس |
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بـــه هفــت آسمــــــان رفـــت آوازه ات |
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فلـک نيست ظـرفــي بـــه انـــدازه ات |
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فـروزنــده چهــري بـــه فــرزانـــگــــي |
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فــرازنـــده قــدي بـــه مـردانــــگـــــي |
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تـــو بــــرنـــــام داران ايــــران ســـري |
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بــــه رادان و رازآگهـــــان ســـروري |
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در ايــران نــديــدم يکــــي شيــرمــــرد |
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که کــاري بـــه مقـــدارکـــارتــوکـــرد |
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وزآن شيــرمـــردان همـــه هــم کنـــــار |
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نکــردنـــد کـــاري چنـيــــن پـــايــدار |
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درايـــران به فــرّت يکـــي مــرد نيست |
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درايـن پهنـــه ات کس همــاورد نيست |
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کــــه درآسمـــــــان سخـــن گسـتـــــري |
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تـــويـــي مهـــرتــابنـــده ي خــــاوري |
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سـراينــدگــــان را تـــويــــي رهنمـــون |
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ســـوي هفتميـــــن طــارم نيلگــــــون |
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در ايـران بســــي گرچـــــه دانشورانــد |
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تـو چـــون مـاهـي و ديگــران اخترنـد |
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زبـــــان دري از تـــو نيــــــرو گــرفت |
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وزيــن رو جهــان را زهــرسو گرفت |
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تـو دادي بــه هــر واژه اش آب ورنـگ |
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بهـايش فزودي بــه مقـــدار و سنـــگ |
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بســـي واژه کــز يــادهـــا رفتــــه بـــود |
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دل از تــاب مهجــوريش تـَفتـــه بـــود |
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کشيــديــش بيـــرون زهــرگــوشـــه اي |
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ز انديشـــــه بخشيــديـَـش توشـــــه اي |
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بــه سلـک سخــن خـــوش درآورديـَـش |
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بـــه خــرگــاهِ کيــــوان بـــرآورديـَـش |
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زآميـــــــــــزه ي واژه گــــــــــان دري |
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قريـن ســاختــي زهــــره بـا مشتـــري |
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عروس سخــن از تــو بـــا فـــر و زيب |
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بــه هــــرهفت آرايــــه شــد دلفــريب |
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نگــاريــن هنـــر از تــو زيبنــده گـشت |
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زجـــــادوي کلکـت فــريبنـــده گــشت |
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زهـرکس کـــه ســازِ سخــن بــرگــرفت |
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ســرودِ تــو آهنــگ بـــرتــــر گــرفت |
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زهــرگفتـــــه کــــان بـس دلاويــزتــــر |
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سخنهـــــاي تـــو رامـش انگيــــزتـــر |
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خـــرد مسنـــد آراي ايـــــــوان تـــوست |
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هنر بنده ي سر بــه فرمـــــان تــوست |
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تــو چـون ســردهــي پهلـوانــي ســرود |
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بــه شـور انــدرآري زتــن تــاروپـــود |
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تـــويــــي آن جهـــــان پهلــــوان سخــن |
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کـــه نـــازد بــه نــامت جهـــان سخـن |
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بشـــر را تـــو در بنــــد آســـــايشــــــي |
رهـــــاننـــــده ازچنـــــگ آلايشــــــي |
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تـو را بس نظر داشت بــرمردمــي ست |
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گـريـزايــي از شيـوه ي کــژدمـي ست |
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شـــرف را يکـــــي مـــرد آزرمگيـــــن |
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جهان چـون تـو کـي ديـد بــا داد وديـن |
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گــــراستـــــادي آرايـــش جنـــــــگ را |
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زصلح است کـــز دل بــري زنـگ را |
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جهــــــان بينــــــي و حکـمت آميختـــي |
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بــــــه آونــد1علــــم و خــرد ريختـــي |
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بــه خـوان بـرنهـــادي گــوارا خــورش |
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کــه يــابــد از او جـان و دل پرورش |
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ز رستـــم يلــي ســـاختــــي يکـــه تــاز |
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جوانمـرد و خوش خــوي ومردم نـواز |
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هـرآن چيــزکِت بـُد خـوشـــاينـــد ونغـز |
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نمـــــودي درآن گـُـــردِ بيـــــدار مغــز |
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چـــو شــد واژگـــون بخـت ايـرانيــــان |
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نمــانـــد از شکــوهِ کيـــانــــي نشـــان |
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حــــرامــــي صفـت از ره آز وکيــــــن |
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فـَرَس رانـــد تــازي بـه ايـران زميــن |
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نبـــودش ز بهـــــــر زر انـــــدوختــــن |
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«بـــه جـز غــارت وکشتن وسوختن» |
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ره آوردش ار چنــــد آييـــــن پــــــــاک |
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ولــــي کــارکـردش بســـي دردنــــاک |
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ســــلوکش بــــه هنجـــــار اسلام نـــــي |
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پـــي غــــارتش خــواب وآرام نــــــي |
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لبـــش گــرچـــه بــــا نـــــام اسلام بــود |
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دلــش دور از ايـن ايــزدي نــــام بــود |
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بـرون ريخـت از سينـــه بـس کينـــه را |
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بــرانــداخت فــرهنـــگِ ديـرينــــه را |
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بـــه رغـمِ پيمبــــــربه يکبــــــارگــــــي |
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بـــرآورد دسـتِ ستـــــــم کـــــارگــــي |
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نمــانــد انـــدرايـن بـوم وبـرفـــر وجــاه |
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نـه تخت و نـه رخت و نـه زرين کلاه |
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براين جملــه بگـذشت ســـالـــي دويست |
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که ايران براحوال خـود خون گريست |
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بـه ايــرانــي آن گونـــه بــرگشت حــال |
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که شد قـــد چون سروش ازنـاله نال2 |
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ســـرش بـــــرســـرظلـمِ حجـــاج رفت |
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همـه مــرده ريـگش بــه تــاراج رفـت |
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درايـن ســاليــان هـرکــه قد بــرفـراخت |
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سپــــاه عـرب کـــــار او را بســـاخت |
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ممــانــــــاد پـوشيـــــده انـــــدرجهـــــان |
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کهــن رازِ پيــــــروزي تـــــازيــــــان |
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کــــــه بودنـــــد ايرانيــــــان همـگــروه |
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زشـــاهـــان و ازموبـــدان در ستــــوه |
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شنيـدنـــد چــون مـــژده ي داد ومهـــــر |
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زآييــــن پيغمبـــــرِ پـــــــاک چهــــــر |
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کــه کس را نبـاشـد بـه کس بــــرتـــري |
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جـــز از راه تقـــــوا و مينــــوفـــــري |
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هجـــــــوم عــــــرب را نبسـتـنـــــد راه |
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مگـر گيـــــرد اسلامشــــــان در پنـــاه |
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بــه اميـــدِ ايــن کيــش مينــــــو نهـــــاد |
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کس انـــدرميـــــــان دادِ مـــردي نــداد |
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وگـرنـــه عـــرب راکجــــا بــود تــــاب |
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کــه بينـد چـراگــــاهِ ايـران بــه خواب |
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کجــا بــود تــازي چنــــان مـــايــه وَرز |
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کـــه تـــازد بديــــن نـــام بـُردار مـرز |
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دريغـــا کـــه ترفنــدشــــان کـــار بــــود |
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نــه بـرســـان گفتـــــار،کــــردار بــود |
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الا اي سخـــــن ســـنـج بيـــــــداربخـت |
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کـــه بـردي بـه فردوس ِ جـاويد رخت |
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تـو بــاليــــــده درعهــــد ســـامــانيــــان |
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سگــــاليـــــده درکــــــار ايــرانيـــــان |
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نـــه «محمـود» پيـــدا و نـــي لشگـرش |
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نــه زرينــــه اورنگ و نــــي افسرش |
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کــه درسيصدوشصت،بـــرخــــاستــــي |
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بــه کـــــاري گـــران،همت آراستــــي |
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چــو ديــدي کــه بـــاشنـــــد ايـرانيــــان |
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ز پيشينــه ي خويشتــــن بـــي نشـــان |
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گـروهــــي غـــم انــــدوزِ مـــاتــــم کـده |
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گـروهــــي دگــرخيــــل ِ تـــــازي زده |
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زفــر کِيـي مـــانـــــده بــــي آگهـــــــــي |
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هـــم ازنــــام داران ِ بـــــا فـــــرهـــي |
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زجنــگـــــي ســـواران ِ فــــــرخ نــژاد |
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جهــــــان پهلوانـــــان ِ بــــا فــر و داد |
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هـــــم از روزگــــــاران نــــــــام آوري |
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زگــــــاهِ جهـــــــانـــــــداري و داوري |
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زجــــورِ بــــدانـــديش، سـرکــوفتـــــــه |
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بـــه مـژگـــــان ره بنــدگــــي روفتـــه |
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بــه نـودولتـــــــان داده سنگيـــن خـراج |
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بـه بيگـانگــان بــاختـــه تخت وتــــاج |
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تــو را تـــاب ايـــن جملــه ديـدن نبـــود |
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شکـــيبـيــدن از دردِ ميهـــــــن نبـــود |
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بــه فـرخنـــده پيغـــام ِ فـــرخ ســـروش |
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بــرآوردي ازسينــه پنهــــان خـروش |
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بـــرون آختـــــي از بغـل خــــامــــه را |
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قـد افـراختـــــي نظـم ِ شهنــــامــــه را |
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نـشـسـتــــــــي پـس ِ زانــــــوي آرزوي |
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چــو در پشت سنگــريلــي رزم جـوي |
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نجـــات وطـــن راهـــدف ســــاختـــــي |
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بســـي تيــــر زي دشمـــن انـــداختــي |
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پــراکنـــده ازهـــرســويـــي داستــــــان |
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بـــه کف کــردي از دوده ي بـــاستـان |
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کشيـــدي بــه نظم دري هـرچـــه بــــود |
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خــروش ســـواران ِ جنــــگ آزمـــود |
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هـــم از بخـــردان و ردان بـــي شمـــار |
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نـوشتـــــي سخنـهـــــاي آمــوزگــــــار |
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نـمــــــــودي ز يــــــــادِ دلاور يــــــلان |
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جــوانمــــــــردي و داد راهمنشــــــان |
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همـــــه پهلــــوانــــان ايــــران سپــــــاه |
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زتـــو بـــازجستنـــد ديرينـــــه جـــــاه |
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بُسفتــــــي بـــه عــــزم گــران کـــوه را |
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ستــــــــردي ز دل داغ انــــــــــدوه را |
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تـو جوشنـــــده خـون در تـن ِ رستمـــي |
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به رزم اندرش جــا بـه جــا همدمــــي |
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چـون ايـران بخوانْـد آن يل تـــاج بخش |
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تــواَش بــرنشـــانـدي به تازنده رخش |
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چــو ديدت به دشمــن گـره کــرده مشت |
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«تهمتـن»پسر را بــه پــاي تــو کشت |
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تويــــي سوگمنــــــد سيــــاووش پــــاک |
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کــه خونش بــه يــاد تو جوشد ز خاک |
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اگـــر کــــــاوه شوريـــد بـــرمـــاردوش |
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بـه جنـگ ستــم خونش آمد بــه جوش |
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تـو دادي به دستش در ايــن ســاليـــــان |
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شکـوه آفريــن پــرچــــم کــاويــــان3 |
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نهـــــــان درچکــــاچـــــاکِ رزم آوران |
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تـويـــي کـرده رازِ درون را عيــــــان |
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زگـــردِ ســـواران بـــــه دشـت نبـــــرد |
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تـويـي هـرزمـــان سربــرآورده مـــرد |
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درآويــــــزش لشگـــــــر آواي کــــوس |
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بـــود نعــــره اي کــان برآمـد زتــوس |
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خـــود آن نعــــره آواي درد تــو بـــــود |
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ز درد وطـــــن يــــادکـرد تــــو بــــود |
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هـــم ازمـــاتـــم رستمـــــي ســوگــــوار |
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هـــم ازمـــرگ روييـــن تــن اسفنديار |
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گل آرزوهــــــاي رفتــــــه بـــه بـــــــاد |
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شــکفت از دمــت درگلستـــــان يـــــاد |
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دوانــــدي تـــو خــــون در رگ آرزوي |
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مگـــر آبـــرو بــــازآري بــــه جـــوي |
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به يـزدان پــــرستـــــي شـدي راهبـــــر |
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بـــه مينــــوگرايـــــي گشــــاينــــده در |
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نکـــوهيـــــــــدي آييــــــــن بـيــــداد را |
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ستـــــــودي نکـــــوکــــــاري و داد را |
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تومـا را شنـــاســانــدي انــدرجهـــــــان |
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نمانــــدي گهــــر با هنـــر درنهــــــان |
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دميــدي بــه تنـديس مــا تـــاب و تــوش |
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نمــودي بــه پيکــارمـــان سخت کوش |
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تــو ايرانيـــــان را همـــه حلقــــــه وار |
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بــه گِـردهــــم آوردي از هـــر کنــــار |
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چــو شهنــــامـــه ايـن حلقه را شد نگين |
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زنــو زنــده شد نـــام ايـــران زميــــن |
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جهـان تا جهـان است وگيتـــي بـه پـــاي |
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تــو را کـــوه رفعــت نجنبـــد زجـــاي |
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نـــــه تنهــــا «اديــبت»ستــاينــده است |
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کـــه گيتـــي بـه ارجت فزاينـــده است |
1- آوند = ظرف
2- نال = ني ميان تهي،رگ وريشه ي قلمِ ني
3- نسخه ي ديگر،اخترکاويان.