اميد
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صبح فـــــردا، زســـر شوق ونـــــياز |
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بــــــــار دادي كه شتـــــــابم بـــه بـرد |
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بـــهر فــــــــردا كه بــود مـــطلع نـاز |
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دل تــــپد در بــــــرم از شادي و وجد |
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همـــــــه در اوج گــشـــايم، پـــروبال |
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بـــه هــــواي تـــــو كــه گيري به برم |
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همه شوقم، هــمه ذوقم، هــــمه حــال |
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بـــه امــيد تـــــو كــــه بـــويم نـــفست |
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قصدشـــــان جملــه نـــــورديدن روز |
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لحظـــه هـــــا مي گـــــذرد از پي ِ هم |
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صبح ِ روي تـــــو شــــود ديده فروز |
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من بـــــدين خــوش، كــه چو فردا آيد |
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پـــــرتـــــوي درشب تــــاريك ِ حيات |
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راســــتي بــــــهر بــــشرچيست اميد؟ |
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جــــان پنـــــــاه ِ ره بــــــاريك ِ حيات |
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در مــــيان دو گــــــذرگـــــاه ِ مخوف |
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روشـــن از پـــــــرتو خـورشيد جمال |
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از امـــــيد است تــــجلــيگــــــــه عمر |
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تـــــيره از وحشت ِ زنــــــدان مـــلال |
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نا امـــــيديــست نـهـــــانگــاه ِ شكست |
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دستيــــار غـــم وكــــــــاهــــنده ي تن |
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نـــــا امــــــيدي چــه بـــود آفت ِ روح |
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اين چـــنين آفــــت ِ اعـــصاب شـــكن |
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دور بــــــاد از دل هـــــر خرد وكلان |